मत पूछो मैं कौन हूँ-नुजत राणा रुही

मत पूछो मैं कौन हूँ-नुजत राणा रुही

मत पूछो कि मैं कौन हूँ ?
कुदरत द्वारा एक बिखेरी हुई एक बूँद हूँ ।
साकार कूछ भी नहीं बस निराकार हूँ ।
अपने साधना में समाहित ,
कही किसी गह्वर में स्थिर,
किसी विचारों की गुँथी गुथी ,
एक धुन हूँ शायद ।
मत पूछो कि मैं कौन हूँ ?
कुदरत द्वारा एक बिखेरी हुई एक बूँद हूँ ।
पेड़ों से बने जंगल में,
पत्तों से सजे पेड़ों में,
समाई हुई एक कण हूँ शायद ।
मत पूछो कि मैं कौन हूँ ?
कुदरत द्वारा एक बिखेरी हुई एक बूँद हूँ ।

 

नुजत राणा रुही

कश्मीर,सऊदी अरब

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