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मेरा क्या था – अविनाश सिंह

गुस्सा भी तेरा था और प्यार भी तेरा था ,
नफरत भी तेरा था और दूरी भी तेरा था।

एतेबार भी तेरा था और साथ भी तेरा था,
हर वक़्त मेरे साथ चलने का वादा भी तेरा था।

झूठ भी तेरा था और सच भी तेरा था,
वक़्त भी तेरा था और जगह भी तेरा था।

मेरे अरमानों पे पानी फेरना, वजह भी तेरा था,
कुछ भी अपना न था सब कुछ तो तेरा ही था।

Avinash Singhअविनाश सिंह
गोरखपुर, उतर प्रदेश

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Avinash Singh

Avinash Singh

मैं अविनाश सिंह गोरखपुर हरियाणा का निवासी हूँ। मैं श्रृंगार रस का कवि हूँ।

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