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मौसम बड़ा बेईमान

हर्षित हुआ राष्ट्र का किसान,

जो है देश का अभिमान;

है ऋतुओं की शान,

मौसम बड़ा बेईमान।

 

ग्रीष्म से मुक्त कराता लाया जान-में-जान,

जल से भरे बगीचे-रान;

खुशियाँ है जीत समान,

मौसम बड़ा बेईमान।

 

नाचे बाल-बालाएँ उठाए सीना तान,

जैसे हो कोई कीर्तिमान;

हरियाली से बढ़ा पर्यावरण का मान,

मौसम बड़ा बेईमान।

 

आनंदभोर सभी जीव-जान,

मिला हो जैसे बड़ा विश्राम;

ऋतु है वर्षा की,

कोई मधुर गीत समान;

मौसम बड़ा बेईमान।

–    सचिन अ. पाण्डेय

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