Notification

अपने लेख प्रकाशित करने के लिए यहाँ क्लिक करें!

नारी सम्मान-नंदिता

     अखबारो को खोल के देखो, सुबह दोपहर दिन शाम
      प्रगति से बढकर मिलेगा रेप का गुणगान
       समझ नही आता है हमको ये वहशी है या इंसान
       समाज भी परेशान है ये है एक बदनुमा दाग

एक केस को यहा इंसाफ नही, नया उजागर होता है
लडकी की ही होगी गलती ये हर मुहँ पर होता है
कपडे छोटे होंगे या फिर, ज्यादा फ्रेन्डली होगी वो
रेप नही तो क्या होगा, जब अंधेरे मे निकलेगी वो

       दुनिया की बस बात निराली, नारी का सम्मान जहाँ
       एक अपना ये समाज है, नारी होना अपमान यहाँ
        निर्भया काँड़ में लौ जली थी, नारी के सम्मान की
        पर अब ये आम बात हो गई नारी अत्याचार की

हमें ही अब कुछ करना होगा, नया सवेरा लाना है
नारी को सम्मान दिलाकर, नारी जीवन बचाना है
जहाँ नारी हो सुरक्षित ऐसा समाज समाज बनाना है
ऐसा समाज समाज बनाना है

Leave a Reply

Join Us on WhatsApp