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नेता – जितेंद्र शिवहरे

ओ पार्टी के नेता, बात ये सुनता जा
हम वोट करने वाले है कोई गैर नहीं
और तुम चोट करने वाले हो कोई बैर नहीं।
ओ पार्टी के नेता••••

जब जब आये इलेक्शन तुमने हमको पुकारा
कभी नोट से कभी खोट से शीशे में ऊतारा-2
चुनाव जीत जाते, पलट के नी आते
हम देखते रह जाते, कोई काम नहीं
अरे ओ नेता तुम यहां के इंसान नहीं।
ओ पार्टी के नेता••••

घोटालो का दौर है जो तुमने ही चलवाया
भ्रष्टाचारियों को सबक तुमने ही पढ़वाया
पुलिया गिर जाते, करोड़ो खा जाते
बेकसूर मारे जाते, संसद मौन रही
अरे ओ नेता तुम यहां के इंसान नहीं।
ओ पार्टी के नेता••••

कर्जा लेके लोगों को विदेश भगवाया
हिस्सा चोरी का तेरे पास भी है आया
देश हितेषी कहलाते, देश लूट के खाते
अजब मुद्दे उठवाते ,मूर्ख नाम सही
अरे ओ नेता तुम यहां के इंसान नहीं।
ओ पार्टी के नेता••••

दंगा भड़काने में तुमने गोल्ड मेडल है पाया
हिन्दू मुस्लिम सीख ईसाई आपस में लड़वाया
जो लड़ाई जीत जाते, तुम उनके हो जाते
हारे को लात मरवाते, नेता नाम सही
अरे ओ नेता तुम यहां के इंसान नहीं।
ओ पार्टी के नेता

 

 जितेंद्र शिवहरे
चोरल, महू, इन्दौर

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1 thought on “नेता – जितेंद्र शिवहरे”

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