पापा – चेतन वर्मा

पापा – चेतन वर्मा

अगर मैं कुछ भी हूं तो सब कुछ है पापा
हर राह हर मोड़ पर साथ देते हैं पापा
जान कर भी बेइंतहा प्यार देते हैं पापा
जाने अनजाने में हुई गलती को माफ कर देते हैं पापा

उंगली पकड़ कर चलने का हुनर सिखाते हैं पापा
गुस्सा कर कर भी हर जिद पूरी करते हैं पापा
जिंदगी को इतनी हसीन बनाते हैं पापा
कोई मेरी औलाद को बुरा ना कह दे
इसलिए फिक्र करते हैं पापा

बिल्कुल भी वक्त ना हो फिर भी हर वक़्त साथ देते हैं पापा आसान नहीं है आपको समझना पर हम भी आपको बहुत प्यार करते हैं पापा

chetan vermaचेतन वर्मा
(बूंदी) राजस्थान

Ravi Kumar

मैं रवि कुमार गुरुग्राम हरियाणा का निवासी हूँ | मैं श्रंगार रस का कवि हूँ | मैं साहित्य लाइव में संपादक के रूप में कार्य कर रहा हूँ |

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