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@प्रकृति सौंदर्य-अमृता-कुमारी

@प्रकृति सौंदर्य
कभी शशि की तमस् रात्रि तो कभी दिवस रवि का बताती हो,
तुम्हारी कृति देख चकित हूँ मैं…..इसलिये
प्रकृति तुम्हारी गोद में सोकर तुम्हारी ही छवि चुराती हूँ ll
घोर तिमिर से भरी रैन,
दिप्तिमान दिन की आशा कर रही नैन,
तब रश्मिरथी संग सफेद किरण आकर चुपके-चुपके ,
धरा के तम् को दिवस सुनहरा बनाती है l
कहीं कालिका स्फूटित सुमन बन,
वाटिका में रम्य रस बरसाती है ll
चौमुखी दिशाओं में मोहक दृश्य देख-देख चकित मैं रह जाती हूँ,
प्रकृत्य सौंदर्य से उपजे भाव को सींच -सींच ….
अपने नन्हे काव्यांकुर को थोड़ा विस्तार दे पाती हूँ l
हाँ इसलिये ….
प्रकृति तुम्हारी गोद में ही सोकर तुम्हारी छवि चुराती हूँ ll
#प्रयास
#प्रकृतिसौंदर्य
#काव्यांकुर
#प्रकृतिवादीविचार

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