Notification

अपने लेख प्रकाशित करने के लिए यहाँ क्लिक करें!

पहेली एक जीने की मार्ग – पूजा कुमार

दर्द छुपते नही ,आँसु रुकते नही
दुनिया बदलती नही ,लोग बदल जाते हैं|
ये लड़कियाँ कमजोर होती नही
ये लड़के कमजोर वना देते हैं|
साँसे कभी चलती नही
ये धड़कन एहसास दिला देते हैं|
कमजोर वह नारी जो खुद को,
कमजोर बना लेती हैं|
संसार मे हम सब रहते हैं,
पर पहचान हर कोई बना पाता नही|
समुद्र सब देखते हैं
पर नदियो से कोई तुलना कर पाता नही|
पानी को कोई छु नही पाते
सपनो को कोई खोने नही. देते|
राते ढलती है पर आँखो को
यह विश्बास होता नही|
मंजिल पर चढ़ना हैं पर
सीढ़ी गिन पाता नही|
सपना पुरा करना है
पर मर्यादा को भूल पाता नही|

Pooja Kumariपूजा कुमारी
समस्तीपुर बिहार

1 views

Share on

Share on whatsapp
WhatsApp
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn
Share on email
Email
Share on print
Print
Share on skype
Skype
Pooja Kumari

Pooja Kumari

मैं पूजा कुमारी समस्तीपुर बिहार की निवासी हूँ। मैं श्रृंगार रस की कवित्री हूँ।

2 thoughts on “पहेली एक जीने की मार्ग – पूजा कुमार”

Leave a Reply

लॉक-डाउन से मज़दूरों की दशा, अर्थव्यवस्था व जीवन पर प्रभाव

*सडकों पे मरते थे बेटे* भूखे-बेचारे मजदूरों का पक्ष रखती हुई कवि अवधराम गुरु की बहुत ही बेहतरीन कविता जय हो सत्ता के लोभी बाज

Read More »