प्रेमिका की प्यार-अनुरंजन कुमार

प्रेमिका की प्यार-अनुरंजन कुमार

प्रेमिका से प्यार में जब होती है जुदाई,
पढ़ाई-लिखाई सब हो जाती हैं  बर्बादी,
जिदंगी में प्रेमिका से मेरे दोस्तो कभी नहीं करना दोस्ती।।
मत पूछो कि प्यार करने  की क्या कीमत चुकाई,
खुद अपने हाथों से अपनी हस्ती मिटाई,
जिदंगी में प्रेमिका इस तरह दे कर जाती बिमारी । ।
जिस दिन प्रेमिका से जब बात नहीं होती,
साँस लेना रुक जाती प्रेमिका की प्यार एेसी ताकत होती,
जिदंगी में प्रेमिका की पहली प्यार इसकी नाम होती
परमात्मा ने बड़े अजीब से दोनो प्यार के बीच रिस्ता बनायें ,
ज्यादा पीड़ा उसे होतें जो ईमानदार से निभातें,
प्रेमिका की प्यार के  दर्द के चलतें रह जाती दिवानें।।
एक पल में प्रेमिका जिदंगी भर की उदासी दे कर गया,
जिदंगी की वह बहुमूल्य समय  बर्बादी कर दे गया,
ये इश्क ,मोहब्बत, प्यार प्रेमिका वफा कर दे गया।।
प्रेमिका बैचारी क्या करें उसकी पहले कर देती सगाई,
प्रेमिका और प्रेमी इस दशा में हों जाती जुदाई,
प्रेमिका की प्यार ही जिदंगी को असफल बनाई।।
अनुरंजन कुमार 

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