प्यार सा एहसास-स्निग्धा परवा मोहंती

प्यार सा एहसास-स्निग्धा परवा मोहंती

उस की आनेसे पाना कहाँ जरुरी थी
एक अजब सी एहसास पर खोना भी मज़बूरी थी तन्हाई मैं उनके राज है
आज भी होती है ,, किस्मत पे गुस्सा आज भी है ,, प्यार सा एहसास
इसीलिये आज भी है ,,,,,,,|

सालो गुजरे बिछड़ ने को दिमाग बड़ा मजबूत है
गली मैं गुजुरूं तो पहले सा नादान दिल का क्या करूँ ………..
आहट आज भी होती है ,, चरों तरफ वही नजर आती है ,,


    स्निग्धा परवा मोहंती  

   कुट्टक ,ओडिशा

 

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