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सच कहते हैं लोग कि दुल्हे बिकते हैं – नेहा श्रीवास्तव

पाल -पोष कर अपनी बेटी को माँ -बाप विदा करते हैं ,
उसके बेहतर जीवन के लिये ना जाने क्या-क्या करते हैं .
बनती है वह किसी के आँगन कि शोभा तो किसी कि दुल्हन बनती है,
मत पूछो बेटियाँ कितना त्याग करती हैं .
लड़की वालों के द्वार पर सीना तान कर खड़े रहते हैं .
सच कहते हैं लोग कि दुल्हे बिकते हैं .
बेटी भी लेते हैं ये दहेज भी लेते हैं,
पुरी मानवता को शर्मिन्दा करते हैं.
सच कहते है लोग कि दुल्हे बिकते हैं.
बेटी जिस लड़के को मैने तुम्हारा जीवन साथी माना वह तो तुम्हारा खरीदार निकला,
अपनी तृप्ति के लिये ये तुमपर हिंसा करते हैं.
सच कहते हैं लोग कि दुल्हे बिकते हैं.
जिस चौखट को अपना घर मानकर तुम प्रेम से चलाती हो,
तुम्हारे प्रेम का सौदा वह पैसे से करते हैं.
सच कहते है लोग कि दुल्हे बिकते है.

Neha srivastavaनेहा श्रीवास्तव
उत्तर प्रदेश (बलिया)

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Neha Srivastava

Neha Srivastava

मैं नेहा श्रीवास्तव बलिया उत्तरप्रदेश की निवासी हूँ। मैं श्रृंगार रस की कवित्री हूँ। मैंने B.ED Science में शैक्षणिक योग्यता प्राप्त की है। मैंने साहित्य लाइव रंगमंच 2018 (राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी प्रतियोगिता) में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।

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