सैनिक की हुँकार-रोहिताश सिंह

सैनिक की हुँकार-रोहिताश सिंह

गोलियों का डर नही मुझे,
डर है कि इस देश से किये वादे से मुकूर न जाऊ,
जिस दिन भी मौत मेरे सामने हो मैं उससे मुस्कुराकर ये कह दु,,
कि मुझे फिर से जन्म इस धरा पर दे देना की मेरा अभी शहादत से मन नही भरा,
मेरा मन नही भरा,
मेरा मन और मेरा तन इस देश का कर्ज,
इस ऋण ऐ वतन को मैं कभी चुका ना पाऊंगा,

इस वतन की आज़ादी हमे जान से भी प्यारी है,
इस मातृभूमि पर मर मिटने की तैयारी है,
जान इस वतन पर कुर्बा हो मेरे यही आखरी इच्छा है,
तिरँगा लिपटे हुए हो मेरे तन को बस इतनी खुमारी है

है तम्मना आबाद रहे मेरा मुल्क,
खुशहाली का सूरज यह कभी ना डूबे,
हर्ष उल्लाष का यहां कबि अस्त ना,
हो दुश्मनो की हज़्ज़ारो फौजो त्तो भी ना घबराऊँ ,
माँ भवानी का आशीर्वाद मेरे संग हो

 

रोहिताश सिंह
अलवर राजस्थान

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