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शहीद की पत्नी-प्रिया चतुर्वेदी

नीर भरे नैना रोते हैं,
अधरों से अब बोलें क्या
पूछ रही है हर सिसकी,
प्रियतम तन्हा रोलें क्या
🇮🇳
रंग बिरंगे मौसम सब
त्यौहार अधूरे छूट गए
माथे की बिंदिया काजल
श्रंगार अधूरे छूट गए
अब पैरों में पायल और
हाथों में कंगन बोलें क्या….
पूछ रही है हर सिसकी
प्रियतम तन्हा रोलें क्या

🇮🇳
“जल्दी आऊंगा घर वापस”
गले लगाते बोला था
कई बार “सरहद” पर तुमने
जाते-जाते बोला था
राह ताकते नैन हमारे
तुम बिन बिरहा हो लें क्या
पूछ रही है हर सिसकी
प्रियतम तन्हा रोलें क्या
🇮🇳
सूना आंगन पूछे, गली-
मोहल्ले पूछें चौबारे
तुम बिन नुक्कड़ के बूढ़े को
बापू कहकर कौन पुकारे
ह्रदय वेदना फूट रही है
मन के जख्म टटोले क्या
पूछ रही है हर सिसकी………….

🇮🇳
नीर भरे नैना रोते हैं,
अधरों से अब बोलें क्या
पूछ रही है हर सिसकी,
प्रियतम तन्हा रोलें क्या

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Priya-Chaturvedi

Priya-Chaturvedi

Myself priya chaturvedi. I belong to kannauj UP.i m post gradute. Nd my passion is potry, writer want to be in future...so this is my first step of my dream

2 thoughts on “शहीद की पत्नी-प्रिया चतुर्वेदी”

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