शायरी – पूजा चौहान

शायरी – पूजा चौहान

गुमसुम सा ये लम्हा तकलीफ़ की ईमारत से पनपी है मायूसी की ये चिंगारी ग़म की मशाल से जली है — पूजा चौहान 2+

दिल्लगी – सरताज सैफी

दिल से चाहा था तुझे अपना बनाने के लिए। यूँ ही वक़्त गुजर गया तुझे भूलाने के लिए। दिल है। के तुझे भूलता ही नहीं। इसलियए अपना नंबर भी बंद रखा तेरी याद ना आने के लिए। –सरताज सैफी 0

तेरी यादे-पूजा पाण्डेय

जाने किसका  आश्रा  था   जुबां भी बयां  कर गयी और दुआ  भी बयां कर गयी, लाख छिपाया  उस फरिश्ते  को आखिर  मै कलम  ही बयां कर गयी, तेरे मेरे  झूठे  आसरे  ने बहुत छिपाया उन  पलों को आखिर मै तेरी यादे  ही उसे बयां कर गयी..                
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शायरी-निशु चौहान

फिर शायद ही ये समां कभी इतना प्यारा होगा .. अब इन कमरों मे ना कभी बैठना दोबारा होगा. फिर चाहे जहां भी रहे जैसे भी रहे हम पर इस दिल मे हमेशा ही एक कोना तुम्हारा होगा …   निशु चौहान  1+

ठोकरों से दोस्ताना रहा-नेहा श्रीवास्तव

(1) पास समंदर था फिर भी एक बूँद को तरसें ।     प्यास बुझाने वाले पैमाने चलाने लगे हैं।।    खुदा, खुदा नही हम इंसानो मे नही।    गम बढ़ी तो फरिश्ते शराब -खाने चलाने लगे हैं।। (2) चेहरे उसने बदल लिएं।      किरदार वही पुराना रहा।।     मै मुसाफिर हूँ रास्तों
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[:en]मुस्कान-निशु चौहान [:]

[:en]चाँद सा चेहरा उनका, उस पर कातिलाना मुस्कान लिए बैठे हैं किसी दिन तो बात होगी उनकी हमारी, दिल मे बस यही अरमान लिए बैठे हैं .   निशु चौहान  [:] 2+

शायरी-मनोज कुमार

रहने दे टूटे ख्वाब इन आंखों में इन्हें भी दर्द होने दे बिना समझे जो मोहब्बत करते हैं उन्हें मोहब्बत का अंजाम तो समझने दे 2 माना कि मेरे हाथों की लकीरों में तेरा होना मुमकिन नहीं मगर तेरे बिना जिंदगी यह भी तो कोई बात नहीं 3 हरगिज़ ना उफ करते तेरा किसी और
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“मेरे अंदर का एक शायर” – शाम सुंदर सैनी

मेरे अंदर का एक शायर, किसी ने छू कर देखा है.. वो एक सपना हकीकत का, मेरे माथे की रेखा है.. मेरी रूह के नजदीक यहां, एक और भी रूह है, तेरे दिल में मैं ही मैं हूं ,मेरे दिल में तू ही तू है.. उनके नाम के किस्सों की तो, दुनिया दीवानी है.. मेरे
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शायरी – रितु

हंसते हुए चेहरे का मतलब यह नहीं कि, वह खुशहाल हैं। बल्कि यह है कि, वह अपनी जिंदगी के दुख को यह कह कर पार कर गया की “बस यह तो ढलान है ।” –रितु 1+

क्या बताऊँ मैंने कितने सपनो का दम तोड़ा है-राहुल रेड

अपनी गलतियों का ठीकरा मेरे सर पर फोड़ा है जिसपर किया था भरोसा साथ उसी ने छोड़ा है समाज के मुताबिक अबतक जिंदगी गुजारकर क्या बताऊँ मैंने कितने सपनो का दम तोड़ा है राहुल रेड फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश 0

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