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बेवफ़ाई-रोहित जंगम बिनदासी

चल आ मुलाकात करते है चांद की छांव में,
चांद भी गवाह है मेरा,तेरी बेवफ़ाई के घाव में
चंद टुकड़ो में कुर्बान कर दिया तूने जिस्म अपना,
आखिरी सांस तक साथ निभाने का था मेरी रूह का सपना…

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