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** बेवफ़ा **-चिंता-नेताम

मेरे हाथ में है अभी फूल चंपा की,
कभी मेरे आगोश में थी वह चंपा थी
इस चंपा ने तो खुशबू दी, वफा की,
उस चंपा ने तो दर्द दिया,बेवफा थी ।।

1 thought on “** बेवफ़ा **-चिंता-नेताम”

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