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जय की पराजय-बालकवि जय जितेंद्र

वो कहते हैं कि हम उन्हें याद नहीं करते हैं,
अब उनसे कौन कहे कि हम फरियाद नहीं करते हैं।
सच तो ये है कि उसकी यादों की क्रमिकता अभी भी क़ायम है,
फ़र्क ये है जिसे सबसे पहले करते थे अब उसे सबसे बाद करते हैं।।

  बालकवि जय जितेन्द्र
   रायबरेली (उत्तर प्रदेश)
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