शायरी-अपना घरवाल

शायरी-अपना घरवाल

यूहि हम तुझे अपना मानते रहे
तु निकली बेवफा हम देखते रह गये
आता है वो दिन याद आज भी मुझे
जिस दिन मिले थे आप हमें
काश वो दिन आता फिर लौट के
तेरी इस बैवाफाई से पहले हि किसी और को अपना हमसफर बना लेते

 

अपना घरवाल

 उत्तराखंड

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