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शायरी – शुभम् लांबा

तुझे तेरे वक़्त पर गुमान है,
मुझे मेरे वक़्त का इंतजार है।
लेकिन ये नासमझ दिल चाहता है,
कि तेरा गुमान कभी ना टूटे,
और मेरा सायां वक़्त से ना छूटे।

#शुभम् लांबा

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Subham Lambha

Subham Lambha

मैं शुभम लाम्बा गुरुग्राम हरियाणा का निवासी हूँ। मैं वीर रस और श्रृंगार रस का कवि हूँ। मैं B. Tech Mechanical इंजिनीअर हूँ। और वर्तमान मे JSW Steel Ltd. Karnataka मे कार्य कर रहा हूँ।

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