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अनदेखा कर नहीं सकते-राखी शरण

मुझे तुमसे शिकायत है,
इसे हम कह नहीं सकते,
दर्दे दिल में बगावत है,
इसे हम सह नहीं नहीं सकते ,
झुकें नजरें इनायत है,
इसे हम समझ नहीं सकते,
खूले लफ़्ज़ों में नजाकत है,
इसे हम अनदेखा कर नहीं सकते।।

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