Notification

शकुन-ओम प्रकाश

चलो दुर कही फिजाओं मे
जहाँ झरनो का ठिकाना है
बसेरा है जहाँ चिड़ियों का
मिल के साथ गुन गुनाना है
जहाँ न शोर है जमाने का
बंदिशों को भी तोड़ जाना है
चलो दुर कही संग बहारो मे
जहाँ शकुन का ठिकाना है

Leave a Comment

Connect with



Join Us on WhatsApp