सुकून- प्रदीप जोशी

सुकून- प्रदीप जोशी

साँसों का हिसाब…
शमशान थोड़ी लेगा!

इम्तिहान ही तो है…
कोई जान थोड़ी लेगा!

क्या हुआ जो फ़ेर लिया…
मुह देखकर उसने!

गोया न पहचाने मुझे…
मेरी पहचान थोड़ी लेगा!

लाख़ दूर सही मंज़िल…
फ़िकर किसको है!!

“ये” पहुँचने से पहले…
ज़िस्म थकान थोड़ी लेगा!

दूरियाँ दिलों में है तुम्हारे…
क़ुसूर दीवारों का नही है!

सबब टूटते घरों से…
दिल ये नादान थोड़ी लेगा!

और…

दुश्मन भी कम नहीं लेकिन…
दर’असल बात दूजी है!

सूकूँन ही तो छीनेगा न…?
ज़्याति ईमान थोड़ी लेगा!

 

    Pardeep Joshiप्रदीप जोशी
 इंदौर, मध्यप्रदेश

DishaLive Group

Hi,

This account has articles of multiple authors. These all written by Sahity Live Authors, but their profile is not created yet. If you want to create your profile then send email to team@sahity.com

Visit My Website
View All Articles

I agree to Privacy Policy of Sahity Live & Request to add my profile on Sahity Live.

1+

Leave a Reply

Create Account



Log In Your Account