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सुशांत कास लट आए

कोई इस तरहा मत जा। कि पागल हो जाए तुम्हारी मां। सुशांत की मां नहीं हे लेकिन बाबा बहन परिवार तो था। कैसे चला गया छोड़कर। उनसे भी मुंह मोड़ कर। पता नहीं क्या था उनकी मजबूरी क्या था गम। बता दिया होता अपने परिवार वालों से तो शायद हो जाता कम। रो रहा है आज उनके आपने फट रहा है कलेजा।आशु बोल रहा है एक ही बात सुशांत तू लौट के आजा। अपने मेहनत से तूने इतनी ऊंचा मुकाम पाया। एक पल भी नहीं सोचा कैसे तूने पल में सब गवाया। तेरे फिल्मों ने हर बार दिल को ऐसे छुआ। तेरे फिल्म देखने वालों को हर बार तुझसे प्यार हुआ। इतने लोगों के प्यार तेरे साथ था। तो गम कि क्या बात था। पता नहीं किस दुनिया में चला गया। क्या वहा तुझे मिल पाएगा इतने चाहने वाले लोग नया। तेरे घर परिवार ही नहीं आज पूरे देश में शोर मच गया। इतनी कम उम्र में एक अच्छे और सच्चे कलाकार की तस्वीर पर हार सज गया।

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sonamoni-Debnath

sonamoni-Debnath

Writer .Sonamoni Debnath. Born in 1999 I'm always trying to prove myself

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