Notification

तन्हाईयों में बैठकर रोने वाले-साँसेरॉल सिंह

तन्हाईयों में बैठकर रोने वाले
बता तेरा दर्द क्या है

सारी दुनिया सो गई
और तू अकेला यहां है

सिसकियों की आवाज़ सुन
मैं दौड़ा चला आया

लगता है मेरी तरह
तेरा भी कोई नहीं है

मायूस न हो
वक्त सभी जख्मों का मरहम है

जिसका कोई नहीं
उसका भी ख़ुदा है

सागर की गहराई तो
मैंने कभी नापी नहीं

समझ सकता हूँ
तेरा दर्द भी कुछ कम नही है

कोई संतान के लिये दुखी
तो कोई धन दौलत के लिये दुखी

सबको किसी ना किसी बात का दुख
ये सुख- दुख का चक्र है, जो यूं ही चला है

आ उस मंज़िल की ओर चले
जिस मंज़िल पे हम जैसे लोग आ गले मिले हैं

तन्हाईयों में बैठकर रोने वाले
बता तेरा दर्द क्या है

सारी दुनिया सो गई
और तू अकेला यहां है

by Sanser Pal Singh

Leave a Comment

Connect with



Join Us on WhatsApp