तू बस हिसाब रख – बबिता खंदूरी

साहित्य लाइव रंगमंच 2018 :: राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी प्रतियोगिता • पहला पुरस्कार: 5100 रुपए राशि • दूसरा पुरस्कार: 2100 रुपए राशि • तीसरा पुरस्कार: 1100 रुपए राशि & अगले सात प्रतिभागियों को 501/- रुपये प्रति व्यक्ति

तू बस हिसाब रख – बबिता खंदूरी

भुला देंगे एक रोज तुझको
तू जरा इत्मिनान रख
अपने एक एक बदलाव का
तू बस हिसाब रख !
अभी मजबूर है आह मेरी
यादों की उन राहों में
कोशिश कर आगे बढ़ेंगे
तू जरा ऐतबार रख
अपने बदलते लफ्जों का
तू बस हिसाब रख !
कोशिश लाख की मैंने संभाले
संभल जाएं दिलों के रिश्ते
आज टूटे बिखरे एहसास हुए
तेरी नजरों में सस्ते !
लेकर चले जाएंगे
एहसासों को खुद संग
तू बस इत्मिनान रख
अपने भूले वादों का
तू बस हिसाब रख।

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Babita Khanduriबबिता
फरीदाबाद, हरियाणा

तू बस हिसाब रख – बबिता खंदूरी
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साहित्य लाइव रंगमंच 2018 :: राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी प्रतियोगिता • पहला पुरस्कार: 5100 रुपए राशि • दूसरा पुरस्कार: 2100 रुपए राशि • तीसरा पुरस्कार: 1100 रुपए राशि & अगले सात प्रतिभागियों को 501/- रुपये प्रति व्यक्ति
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