तुझमें समा जाऊं- शुभम् लांबा

तुझमें समा जाऊं- शुभम् लांबा

जब तुम हो पास मेरे,
मैं क्यूं न हद से गुजर जाऊँ।
जिस्म बना लूँ मैं तुम्हें,
या‌‌ रूह मैं तुम्हारी बन जाऊँ।
तु कहे अगर इक बार मुझे,
मैं खुद ही तुझमें समा जाऊँ।

लबों से छूँ लूँ जिस्म तुम्हारा,
सांसों में सांसें जगा जाऊँ।
अपनी जिंदगी बना लूँ मैं तुम्हें,
और मरने की सौगंध खा जाऊँ।
तु कहे अगर इक बार मुझे,
मैं खुद ही तुझमें समा जाऊँ।

फना हो लूँ लफ्जों पर तुम्हारे,
या आखिरी मोहब्बत बन जाऊँ।
छिपा लूँ खूद को आगोश में तेरे,
और जिने की वजह बन जाऊँ।
तु कहे अगर इक बार मुझे,
मैं खुद ही तुझमें समा जाऊँ।
….$❤️….✍️

Subham Lambaशुभम् लांबा

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