उम्मीदों का दीपक जलाए रखना – शोभा(सृष्टि)

उम्मीदों का दीपक जलाए रखना – शोभा(सृष्टि)

नहीं आएगा जिंदगी में अंधियारा पास तेरे
जब उम्मीदों का दीपक सदा है साथ तेरे
उम्मीदों का दीपक जलाए रखना,
इसमें कोशिशों का तेल निरंतर बनाए रखना।
क्योंकि उम्मीदों की संजीवनी निराश मन में फिर नई जान फूंक देती है
क्योंकि उम्मीदों से मिलते हैं,जीतने के हौसले
हौसलों की उड़ान से कम होते हैं मंजिल के फासले
जिंदगी के इस सफर में आएंगे तूफान बहुत प्यारे
तूफानों से डर मत,इनसे टकराना अपनी आदत बना लें
मत बन मृतवत्, तू जीता जागता मजबूत इंसान है प्यारे
अगर बना कमजोर तो परिस्थितियां तुझे
सताएँगी अगर खड़ा रहा अडिग राह मेंतो खुद ब खुद बौनी हो जाएंगी
उम्मीदों कीकिरणे आंगन में बिखराये रखना
हौसलों के जल से सम्मान रूपी फूल खिलाये रखना
इस सम्मान रूपी फूल से महकेगा एक दिन जल्द आंगन तेरा
इसलिए उदासी छोड, होठों की मुस्कान बनाए रखना है।
तेरी एक मुस्कान हजारों दिलों में फिर उम्मीद जगाएगी।
राह से भटक गए पथिक को फिर नई राह दिखाएगी।
इसलिए उम्मीदों का दीपक जलाए रखना ,
उसमें कोशिशों का तेल निरंतर बनाए रखना।

शोभा(सृष्टि)
करौली, राजस्थान

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