वक्‍त के हर पल पे – मनोज कुमार

वक्‍त के हर पल पे – मनोज कुमार

हर दि‍न की तारीफ में
कुछ खोया हुआ था मेरा
मै भूल गया
जो मि‍ला था, चेहरा तेरा,
कुछ इस कदर थे
अपने पन में
वक्‍त के हर पल पे
हक था बस तेरा मेरा,
वो जश्‍न जि‍समें तुम शामि‍ल न थी
मना न सकें,
चाहे लाख मुकाम हुए हासि‍ल मुझे
पर तुझे खोकर
कुछ भी पा न सके

साहित्य लाइव रंगमंच 2018 :: राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी प्रतियोगिता • पहला पुरस्कार: 5100 रुपए राशि • दूसरा पुरस्कार: 2100 रुपए राशि • तीसरा पुरस्कार: 1100 रुपए राशि & अगले सात प्रतिभागियों को 501/- रुपये प्रति व्यक्ति

मनोज कुमार
जयपुर(राजस्थान)

वक्‍त के हर पल पे – मनोज कुमार
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