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यादें-आकांक्षा-राज

यादें

तुम्हारे यादों के सहारे रोज जीती हु
अब तो आदत सी हो गी
तुम्हारी यादों के साथ जीने की
और
और पता नहीं कब तुम और यादें तुम्हारी
मुझे इस कदर सताया करेगी
मुझे पता है
पता है मुझे ये
तुम भी जान के अपनी यादें देते हो
की तुम मे ही सारा पल खोई रहु
पर तुम्हे अंदाजा नहीं
रोती हु कितना मै
इन यादों के साथ
हाँ
आदत नहीं है
और ना ही कभी लग सकती
तुम्हारे बिना सोने की
बिना तुम्हारे आवाज़ सुन के
तुम्हे अपनी यादों मै तड़पाना
तुम्हे इश्क़ लगता है ना
और
और ज़ब तुम कहते हो आज बात नहीं हो पायेगी
फिर भी मुझे इंतज़ार रहता है
तुम्हारी कॉल का
ज़ब मेरे फ़ोन मै notification आती है
मुझे लगता अब इस बार पक्का मेरी यादों की ही होंगी MSG
ज़ब मै मुस्कुरा के फ़ोन check करती

मेरी मुस्कुराहट वाली फेस फूलो की तरह बिना पानी के मुरझा जाती
अब बताओ क्यों मुझे इस कदर तुम्हारी इश्क़
मुझे सताती है
तुम्हारी यादें क्यों सताती है

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