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*** यादों का एल्बम -चिंता-नेताम

       (१)

जल उठते हैं दिए दिल में,
तुम्हारी यादों के,
होने लगता है रोशन,
शाम-ए-गम
तन्हा तन्हा तुम्हारी यादों में,
खोने लगता है मेरा मन ।
(२)
रातें कटती नही,
चुभने लगती है बिस्तर की सिलवटें
दिन भी नहीं गुजरता चैन से,
जाने क्यों लगती है ये कैसी प्यास ?
जब जब तन्हापन में,
आती है तुम्हारी याद ।
(३)
मेरे मानस पटल में,
बसी है तुम्हारी यादों की,
अनेकों जीवंत तस्वीर
तुम्हारे बाद मेरे पास,
शेष बस यही है
और यही मेरी तकदीर ।
(४)
मैं रह जाता हूं,
मेरी तनहाइयां रह जाती हैं,
जब जब मेरे मन में तुम्हारी
यादों की तस्वीरें ,,
उभर कर चली आती है ।
(५)
जाने से पहले तुमने,
मेरे घर के आंगन में,
अपने नाजुक हाथों से,
रोप दिया था एक गुलाब
हर सुबह सूरज की पहली किरण से जो खिल उठता है लाजवाब
जिसे देख कर मुझे बिसरे पलों की और आती है तुम्हारी याद ।।

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Chinta-Netam

Chinta-Netam

मेरा जन्म 16 अक्टूबर सन 1975 में छत्तीसगढ़ राज्य के दुर्ग जिले में स्थित बुंदेली नामक ग्राम में संघर्षरत परिवार में हुआ था। मेरी शिक्षा दीक्षा राजनांदगांव जिले में स्थित एक छोटे से कस्बेडोंगरगांव में हुई। 1992_93 में12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मेरा चयन d.ed प्रशिक्षण के लिए हो गया। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद मैंने डोंगरगांव शासकीय महाविद्यालय से बीए की परीक्षा सन 2000 मेंउत्तीर्ण की। वर्तमान में मैं शिक्षा विभाग में कार्यरत हूं।

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