ये कैसा था इश्क-मुनमुन सिंघा

ये कैसा था इश्क-मुनमुन सिंघा

एक था दिवाना लड़का ।
एक थी दिवानी लड़की ।
ये कैसा था इश्क ।।
लड़की थीं दिवानीगी में ।
लड़का था आवारगी में ।
मिल गये थे दोनों आशिकी में ।
ये कैसा था इश्क ।।
जब लड़की की खत्म हुयी दिवानीगी ।
और लड़के की खत्म हुयी आवारगी ।
दोनों ने खत्म किए इस आशिकी को ।
ये कैसा था इश्क ।।
पढ़ाई शुरू किए मिल के दोनों ।
छोड़ दिए इस इश्क को ।
बन गये बाद में दोनों महान ।
ये कैसा था इश्क ।।

मुनमुन सिंघा
मीरजापुर,उत्तर,प्रदेश

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