Notification

अपने लेख प्रकाशित करने के लिए यहाँ क्लिक करें!

आत्मा का ज्ञान-हर्षदा पाचपोर

एक कपिलवस्तु में राजा था । उसको एक कन्यपुत्री थी उस कन्या का नाम शामबाला था । राजकुमारी अब बड़ी हो गई थी विवाह करने लायक । राजा राजकुमारी के विवाह के लिए एक स्वयंबर रखता है । और दूर दूर के बहुत से अच्छे अच्छे राजकुमार को इस स्वयंबर आमंत्रित करते है । और स्वयंबर में एक प्रतियोगिता रखी जाती हैं । उस प्रतियोगिता में समुद्र की तैरती मछली की आंख में बान मारना होता है । जो ये प्रतियोगिता जीतेगा वही राजकुमारी के साथ विवाह करेगा । बहुत राजकुमार प्रतियोगिता में आए उनमें से एक राजकुमार ऐसा था कि उसने एक अट रखी थी कि अगर ओ जीत गया तो उसके साथ साथ उसके चारो भाई से विवाह करना पड़ेगा । राजा मान जाता है और प्रतियोगिता शुरू होती है । उनमें से को राजकुमार अट रखता है वहीं विजयी होता है । और उसके साथ और उसके भाइयों के साथ राजकुमारी का विवाह हो जाता है । उसके चार पति होते हैं उनमें से सबसे ज्यादा प्रेम ओ चौथे पति से करती हैं , उससे कम तीसरे से उसे ही काम दूसरे ,लेकिन पहले से बहुत कम प्रेम करती हैं । देखते ही देखते कही साल बीत जाते है । अब बुढ़ापा आता है और राजकुमारी सोचती है, कि मै मर जाऊ तो मेरे साथ कोन आएगा । उस चारो पति से उम्मीद रहती हैं ।
ओ सोचती की कीव ना मै सभी राजकुमार सें पुछू की मरने के बाद कोन मेरे साथ चलेगा । जिसे ओ सबसे जादा प्रेम करती चौथा पति उससे पूछती है क्या मरने के बाद तुम मेरे साथ चलोगे , ओ कहता है मै नहीं आ सकता , तीसरे से पूछती ओ भी नहीं कहता है ,फिर दूसरे के पास जाति उसे लगता है कि ये मुझे हमेशा मेरे सवाल का जवाब देता है इसबर भी देगा लेकिन ओ भी सीधा माना करता है ,। फिर पहले के पास जाति ओ कहता है कि मै तुम्हे मना भी नहीं कर सकता तू मेरी जान है आत्मा है तू मेरी मै तो हर पल तुमारे साथ हूं मै तुम्हारी हर धड़कन की सास हूं मै मै तो तुझमें ही बसा हूं मै तुम्हारी आत्मा हूं । चौथा पति मतलब हर इंसान का शरीर होता है , हमेशा इंसान अपनी पूरी जिंदगी अपने शरीर से ज्यादा प्रेम करता है । इंसान चाहे अपने शरीर से कितना ही प्रेम करे लेकिन मरने के बाद इसे भी छोड़कर जाना पड़ता है ।
तीसरा पति मतलब अपनी धन दौलत संपति और पैसा , जिन्दगी भर इंसान पैसे संपति कमाने के पीछे लगा रहता है और संपति से प्रेम करते हैं लेकिन ये संपति मरने के बाद हमारे साथ नहीं आती । तीसरा पति मतलब , परिवार दोस्त रिश्ते नाते , हम लोग कभी कोई मसीबत आए तो इनसे सलाह लेते है । लेकिन मौत आए तो ये लोग भी कोई सलाह नहीं दे सकते , मरने के बाद ये सब आपके साथ तो चलते हैं लेकिन शमशान घाट तक उसके बाद ओ भी हमे छोड़कर चले जाते है। उसके बाद पहला पति मतलब आत्मा जो हमेशा आपके साथ रहती है लेकिन हम अपनी आत्मा को भूल जाते है और बाकी सबको अपने पास रखते है लेकिन आत्मा कभी अपना साथ नहीं छोड़ती ,।
आखिर आत्मा क्या होती है ?
हम इंसान एक आत्मा ही है । आप और मै हम सब एक आत्मा है । जब हम लोग शरीर छोड़ देते हैं तो कुछ लोग तुम्हे या मुझे भूतात्मा मान लेते हैं ।
कुछ लोग कहते हैं कि उक्त आत्मा का स्वर्ग वास हो गया । मै हूं ये बोध ही हमे आत्मवान बनता है ,ऐसा वेद ,गीता , पुराणों में लिखा गया है ।
आत्मा के तीन स्वरूप माने गए है । जीवात्मा , प्रेतात्मा , सूक्ष्मात्मा । जो भैतिक शरीर में वास करती हैं उसे जीवात्मा कहते है ,जब इस जीवात्मा की वासना और कमनामय शरीर में निवास होता है तब उसे प्रेतात्मा आत्मा कहते है । ये आत्मा जब सूक्ष्मात्मा शरीर में प्रवेश करता है उसे सूक्ष्मात्मा कहते है ।
आत्मा का रंग कैसा होता है ?
भारतीयों का मत है कि आत्मा का रंग शुभ्रा यानी पूर्ण सफ़ेद होता है । जबकि पच्यात्य योगियो के अनुसार आत्मा का रंग बैगनी होता है । कुछ ज्ञानी जन मानते हैं कि निला रंग आत्मा चक्र का एवं आत्मा का रंग नीला के प्रकाश के रूप में आत्मा ही दिखाई पड़ती है ।,और पीले रंग का प्रकाश आत्मा की उपस्थिति दर्शाया है ।
आत्मा का साइज आत्मा की सुक्षामियता ये है कि एक केश (बाल ) लेकर उसके सिरकी गोलाई के साथ 60 भाग किए फिर उस भाग के 99 भाग किए तो उसमे से एक भाग के बराबर। आत्मा का परिणाम है अर्थात 3,52,83,600 इस प्रकार प्राचीन ऋषिमुनी योन आत्मा का साइज बताया है इंसान ने हमेशा दूसरों के लिए जीना यही सबकुछ मानना नहीं चाहिए कभी खुदके लिए जिके देखो और अपनी आत्मा को समझो । आत्मा का आत्म सन्मान करो ।

64 views

Share on

Share on whatsapp
WhatsApp
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn
Share on email
Email
Share on print
Print
Share on skype
Skype

Leave a Reply

जागो और अपने आप को पहचानो-प्रिंस स्प्तिवारी

मैंने सुना है कि एक आदमी ने एक बहुत सुंदर बगीचा लगाया। लेकिन एक अड़चन शुरू हो गई। कोई रात में आकर बगीचे के वृक्ष

Read More »

Join Us on WhatsApp