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अनोखी कहानी-उमेश चन्द यादव

एक राज्य में सभी नागरिक बड़े चैन से जीवन यापन कर रहे थे । वहाँ के लोगों ने एक अनोखा नियम अपनाया था
। वे सभी यह नियम अपना कर बहुत प्रसन्न थे । लेकिन उन्हें एक अच्छे और भावी तथा जनप्रिय राजा की
तलाश थी । इसलिए उस राज्य में आये नए व्यक्ति को वे लोग एक वर्ष के लिए अपना राज अपना राजा बना देते
थे । एक वर्ष का कार्यकाल पूरा होते ही वे लोग उस राजा को एक सुनसान और अंधेर जगह पर छोड़ देते थे जहाँ
साँप, बिच्छू और अनेक ज़हरीले जानवर रहते थे । उस जगह पर जाने वाला व्यक्ति कुछ ही दिनों में अपनी जान
गँवा देता था क्योंकि वहाँ उसके खाने – पीने एवं आत्म रक्षा के लिए कोई साधन नहीं रहता था और ना ही कोई
व्यक्ति उससे मिलने आता था ।
इस प्रकार हर साल नया राजा बनाने का यह क्रम वर्षों तक चलता रहा । लोग आते – जाते रहे ।
इस घटना को सुनकर एक गरीब व्यक्ति जो कठोर परिश्रम कर किसी प्रकार अपना घर चला रहा था । मन में
सोचने लगा की चलो मैं भी अपनी किस्मत अजमाऊँ और वह घूमते हुए उस राज्य में पहुँच गया । उसे उस नगर
में नया देख वहाँ के लोगों ने उसे राजा बना दिया । अब वह व्यक्ति आराम की जिंदगी बिताने लगा । राजभवन में
बैठे – बैठे अचानक उसके मन में यह खयाल आया कि एक वर्ष पूरा होने के बाद उसे भी उसी जहरीले जानवरों के
बीच जाना पड़ेगा । अगले दिन उसने उस अंधेर स्थान की सफाई का काम शुरू करा दिया । उस जगह पर अच्छी
किस्म के फूल और पौधे लगवा दिए । अब वह जगह राजमहल के फुलवारी जैसा लगने लगा ।
राजा के एक वर्ष का कार्यकाल पूरा हुआ और उसे भी लोगों ने वहीं पहुँचा दिया जहाँ अब तक के राजाओं
को पहुँचाया था । उस जगह पर जाकर वह राजा आराम की जिंदगी जीने लगा । यह बात जानकर वहाँ के लोग
आश्चर्यचकित हो गये और उन्होंने आपस में बात – चित कर यह निर्णय लिया कि अब हम लोगों का राजा ये ही
होंगे । क्योंकि इन्होंने जो काम किया है वह काम भविष्य में आने वाले सभी राजाओं के हित में है । अतः जो
व्यक्ति भविष्य के बारे में सोचकर काम करता है वह कभी दुखी नहीं होता । इनके जैसा राजा बड़े भाग्य से मिलते
हैं । इनके कार्यकाल में कभी किसी को ना कष्ट हुआ और ना ही होगा । इसलिए हम सभी को भी कोई भी काम
करने से पहले उसके बारे में अच्छे से जानकारी प्राप्त कर लेना चाहिए तथा भविष्य में सबकी भलाई हो , ऐसा ही काम करना चाहिए!

उमेश चन्द यादव
बलिया ,उत्तर  प्रदेश

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Manisha Rani

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