na mein darpan hu na tum darpan ho e dost - मारूफ आलम

na mein darpan hu na tum darpan ho e dost     मारूफ आलम     ग़ज़ल     समाजिक     2021-09-26 14:56:47     #darpan#aaina#gajal#hindi gajal     2182        
na mein darpan hu na tum darpan ho e dost

ना मैं दर्पण हूँ ना ही तुम दर्पण हो ऐ दोस्त
ना मै ईश्वर हूँ ना ही तुम अर्चन हो ऐ दोस्त

प्यार वफ़ा इंसान और इंसानियत के प्रति 
ना मैं अर्पण हूँ ना ही तुम अर्पण हो ऐ दोस्त

बैचेनियो के सब समुंदर मुझमें शांत हैं अब
ना मैं तृप्त हूँ ना ही तुम तर्पण हो ऐ दोस्त

आदम हव्वा से पैंदा हैं दुनियाँ के सब लोग
ना मैं अछूत हूँ ना ही तुम सर्वण हो ऐ दोस्त

भेद नही पाओगे आत्मा को बाणों से"आलम"
ना मै रावण हूँ ना ही तुम सर्पण हो ऐ दोस्त
मारूफ आलम


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