गौ हत्या-पल्लवी रस्तोगी

गौ हत्या-पल्लवी रस्तोगी

मेरा छोटा सा लेख-गौ हत्या पर*
आजकल एक विषय बहुत चर्चा मे हैं “गौ हत्या” और मै भी गौ हत्या के शख्त खिलाफ़ हूँ इसलिए नहीं क्युँकि मै एक हिन्दू हूँ बल्कि इसलिये क्युँकि मै एक इंसान हूँ।और आज मै कुछ सवाल उन गौ हत्या करने वालो से नहीं बल्कि उन हिन्दुओ से पूछना चाहती हूँ जो गाय के रक्षक बने फिरते हैं।और जिन्हे धर्म के नाम पर सिर्फ बोलना और हिंसा करनी आती हैं।हिन्दुओ मे गाय को माता माना जाता हैं पर जनाब तब आपका धर्म कहाँ चला जाता हैं जब गाय सड़को पर पड़े कूडे का सेवन करती हैं बल्कि कुछ हिंदू ही अपनी पालतू गाय को बाहर छोड़ देते हैं ताकि वो अपना पेट खुद भर सके और बस उनके दूध के लिये उन्हे इस्तेमाल किया जाता हैं कितने ही बछड़े पैदा होते ही मार दिए जाते हैं तब तुम्हारा हिंदू धर्म कहाँ चला जाता हैं। वाह क्या मानसिकता हैं इंसान की,मै तो आज तक समझ ही नहीं पायी।मेरे लिये गाय सिर्फ एक जानवर हैं पर हिन्दुओ मे गाय को माता माना जाता हैं तो उनकी हत्या पर इतना आक्रोश, पर जानवर तो जानवर हैं फिर लाखो करोड़ों की संख्या मे रोज़ कटने वाले मुर्गे,बकरे,भैंस,मछली,सूअर आदि का क्या..? क्युकी बेचारे ये जानवर साधारण हैं उन्हे किसी माता या देवी देवता का दर्जा नहीं दिया गया तो इनके लिये कोई दया नहीं।वाह रे इंसान अजब हैं तेरी मानसिकता,अरे कुछ तो शर्म करो..
मै खुद शुद्ध शाकाहारी हूँ इसालिये मेरे अंदर हर जानवर को लेकर समान दया भाव हैं।चाहे इंसान हो या जानवर सबको जीने की इच्छा होती हैं और सबको जीने का हक हैं।शायद बहुत से लोगो को मेरी बात पर हँसी आये पर ये भी सच हैं कि इंसान की तरह जानवर का भी परिवार होता हैं उनके पास भी दिमाग़ होता हैं।अब कृपया करके मांसाहारी लोग ऐसी मूरखों जैसे तर्क ना दे कि “हम जानवर नहीं खायेंगे तो इनकी आबादी बहुत बढ़ जायेगी या पेड़ पौधों मे जान होती हैं तो तुम उन्हे क्यू खाते हो” वगेरह.. वगेरह.. मेरा मकसद किसी से बेहेस करना या किसी धर्म जाति को ठेस पहुँचाना नहीं हैं।मै बस इतना चाहती हूँ कि हर जानवर के लिये मन मे समान दया भाव रखे और सिर्फ गौ हत्या नहीं.. हर जानवर की हत्या के लिये आवाज़ उठाए..
हिंदू,मुसलिम,सिख,ईसाई कोई भी हो।सब धर्म के नाम पर पाप कर रहे हैं। जन्म इंसान के रूप मे मिला पर इंसानियत सबकी मर चुकी हैं।किसी भी जानवर को मारना इंसानियत के खिलाफ हैं पर यहाँ कोई इंसान हो तभी तो समझे।अब तो इंसान का शरीर और दिमाग़ ही काम करता हैं बस.. आत्मा तो शरीर छोड़ने से पहले ही मर जाती हैं..

 

              पल्लवी रस्तोगी

             हरिद्वार ,देहरादून

View All Articles

I agree to Privacy Policy of Sahity Live & Request to add my profile on Sahity Live.

1+

Leave a Reply

Create Account



Log In Your Account