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स्त्री-ए के -फोटोग्राफी

स्त्री
वह मां है, बहन है, यार है, प्यार है,
उनके साथ खेलना इनके लिए एक त्यौहार है ।

अब कैसे निकालोगे वाल्मीकि और निर्भया का डर अपने जहन से।

खत्म नहीं होती बुराई एक रावण के दहन से ,
हमें निकालना होगा हर एक रावण को इंसान के जहन से।

कब तक देखोगे किसका इंतजार है,
जलाओ उन हैवानोको जैसे कोई होली का त्यौहार है ।

Ashitosh_k_k

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