जिंदगी के झरोखे – शशि जैन

जिंदगी के झरोखे – शशि जैन

निशा ये रोज़ रोज़ के देखने दिखाने के सिलसिले से तंग आ चुकी थी।
कल फिर कोई जनाब उसका मुआयना करने आने वाले थे।
अभी अभी उनके यहाँ से ही फ़ोन था।
निशा ने आई डी कॉलर में नंबर देखा और आव देखा ना ताव , मिला दिया
लेकिन उधर से एक दबंग सी महिला की आवाज़ सुनकर एकदम घबराकर रख दिया।
हिम्मत कर , एक बार फिर मिलाया ,
इस बार एक जवान सी आवाज़ थी।
निशा ने थूक निगलते हुए पूछा ,
” जी , रमेश जी से बात हो सकती है ? “
” मैं रमेश बोल रहा हूँ । आप ? “
“जी , मैं , निशा , जिसे आप कल देखने आने वाले हैं।
जी मैं पहले ही बता दूं कि मेरा रंग सांवला है , देखने दिखाने में 28 पार कर चुकी हूं ,
9 से 5 ,सरकारी पोस्टऑफिस में बैठती हूं ,
मेरे चेहरे मोहरे को दूर से जांच लें ,
तभी बात आगे बढ़ाएं ” ।
निशा एक ही सांस में सब कह गयी ।
” और हां , एक बात और ,
अव्वल तो आप बात आगे बढ़ाने आएंगे नही ,
आ भी गए तो पसन्द -नापसन्द करने का हक़ केवल आपकी जागीर नहीं,
नापसन्द मैं भी कर सकती हूं आपको।
निशा ने सांस लेते हुए फोन पटक दिया।

उफ्फ ये क्या कर दिया था उसने जोश में आकर।
जहाँ इतनी बार परेड हो चुकी थी, वहाँ एक बार और सही।
घर में पता चला तो उसकी खैर नहीं।

लेकिन अगले दिन जो हुआ वो अप्रत्याशित था।
शाम को घर में घुसते ही माँ ने बताया कि
वो लोग नहीं आ रहे देखने।
कहलवाया है कि हमें लड़की पसन्द है।
अगर आपकी हां हो तो सीधा सगाई के लिए आएंगे।
मां हैरान थी , मगर निशा के होठों पर मुस्कान थी।
दफ्तर आये थे आज ‘वो ‘ ।
आकर गला खंखारने लगे।
” जी , मैं, रमेश ” ।
” ओह! तो देखने आए हैं आप मुझे।”

” जी नहीं , देखने नहीँ , दिखाने आया हूँ खुद को।
वैसे भी किसी ने कहा है कि देखने दिखाने का हक़ सिर्फ लड़कों की जागीर नहीं। “

निशा की बोलती बंद हो गयी।
और फ़िर एक कप चाय के बीच कब तय हो गया उसका ‘रमेश’ से ‘वो’ तक का सफ़र , निशा को पता ही नहीं चला….।
पसंद आये तो शेयर जरूर करें।
वोट तो करना ही करना है।

शशि जैन
जयपुर, (राजस्थान)

Ravi Kumar

मैं रवि कुमार गुरुग्राम हरियाणा का निवासी हूँ | मैं श्रंगार रस का कवि हूँ | मैं साहित्य लाइव में संपादक के रूप में कार्य कर रहा हूँ |

Visit My Website
View All Articles

I agree to Privacy Policy of Sahity Live & Request to add my profile on Sahity Live.

0

Leave a Reply

Create Account



Log In Your Account