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“कौन थी वो”-अंजू तंवर

आज ऑफिस में बहुत लेट हो गया था.. आते आते रात होने लगी हमेशा तो जल्दी आ जाता हूं… ना जाने आज क्यों काम ज्यादा  बढ़ गया था.. ऑफिस से निकलते ही पार्किंग में खड़ी गाड़ी निकाली और गाडी स्टार्ट की।।

…..आज मौसम सुहावना हो रहा था, रात को हवाएं ठंडी चल रही थी।।  शायद बरसात होने वाली ती!! आगे जाकर  बरसात होने लगी मैं गाड़ी चलाते रहा..
अचानक से गाडी बंद हो गईं,  मैं बहुत परेशान हुआ इतनी भारी बरसात में घर कैसे पहुचुगा ।।
मैंने बहुत कोशिश की गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई … हार कर मैंने गाड़ी का दरवाजा खोला और मदद के लिए ढूंढने लगा लेकिन यह तो सुनसान रास्ता था… यहां गाड़ियां तो क्या कोई इंसान ही नहीं दिख रहा था.. मेरा गुस्से से माथा ठनक रहा था,, कुछ समझ ही नहीं आ रहा था फोन करना चाहा देखा तो फोन भी बंद था!!
मैंने इधर-उधर घूम के सब देखा लेकिन कोई मददगार नहीं मिला
मैं गाड़ी में बैठ गया अचानक से टकटक आवाज आई मैंने देखा तो कोई गाड़ी के पास खड़ा था।।
मैंने शीशा नीचे किया तो एक लड़की बरसात में भीगी हुई थी उसने साड़ी पहनी हुई थी वह शायद पूरी तरह भीग चुकी थी हो सकता है वह भी मेरी तरह मदद मांगना चाह रही थी मैंने देरी ना लगाते हुए उनसे पूछा आपको मदद चाहिए उसने कहा नहीं मुझे आपकी मदद करनी है ….
मैं थोड़ा अचंभित हुआ मैंने कहा” मेरी ” उसने कहा हां ..
.मेरा पास ही मे घर है  और मैं यहां बीच रास्ते में लोगों की मदद करती हूं ,  और आपकी गाडी भी खराब हो चुकी है और यहां कोई मददगार भी नहीं है।।
अगर आपको कोई परेशानी ना हो तो आप मेरे साथ मेरे घर चलिए !
बरसात खत्म होने के बाद गाडी ठीक करवा के घर चले जाना ।।।  मैंने थोड़ा शक  जताया फिर लगा इतनी बरसात में घर नहीं जा सकता शायद ! मुझे यही करना होगा मैंने गाड़ी का दरवाजा खोला..  मैंने गाड़ी लोक किया और कहा चलिए।।
मैंने उसे ठीक से नहीं देखा था अब वह मेरे आगे चल रही थी वह लड़की भीगी भागी सी जुल्फों को झटका रहे थी.. वो आगे आगे चलने लगी मैं उसके पीछे पीछे ……
वह साड़ी में इठलाती  चल रही थी। हाथों और पैरों से पानी की बूंदों से खेलती जा रही थी,,।  मैंने पूछा “कितनी और देर लगेगी ” उसने कहा ‘ बस  थोड़ा ही समय लगेगा  ‘पर मुझे आसपास कोई घर नहीं दिखा,।  थोड़ा दूर जाने के बाद एक छोटा सा घर नजर आया हम दोनों वहां चले गए लड़की ने घर का दरवाजा खोला और बोला चले आइए.. मुझे हिचकिचाहट हो रही थी डर भी लग रहा था।।
ऐसे अनजान किसी लड़की के साथ अचानक से कैसे जाऊं घर के अंदर।।    कहीं यह फिल्मों की तरह भूतिया लड़की तो नहीं मेरे मन में हजारों सवाल खड़े थे  आगे क्या हुआ अगर जानना चाहते हैं कि वह लड़की भीगी भागी सी भूतिया लड़की निकली या कोई  मददगार तो मेरा अगला पार्ट नंबर२ देखना…  लेकिन इस से पहले इस कहानी को शेयर लाइक करना।
अंजू कंवर

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Anju kanwar

Anju kanwar

Heart touching poetry 💕 Unique thoughts💕

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