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मेरे चले जाने के बाद कोई कविता लिख कर शोक मत जताना तुम-आशु लाइफ रेसर

मेरे चले जाने के बाद कोई कविता लिख कर शोक मत जताना तुम मेरे लिए, मैंने सुना है शब्द मरे हुए इन्सान को भी ठग सकते हैं।

मेरे जन्मदिन पर या और किसी खास दिन गुलाब के फूल चढ़ाना मेरी तस्वीर पर। तुम्हारी बातों और गुलाब की महक में मैंने बहुत समानता देखी है, ये दोनों मुझे अपनी ओर आकर्षित करती हैं। बचपन से ही जीव विज्ञान ने स्वयं से बांधे रखा है, फिर भी मुझे भौतिक विज्ञान के कुछ नियम अब भी याद हैं। मुझे मास्टर जी ने कई प्रयोगों द्वारा समझाया था विपरित वस्तुएं एक दूसरे को आकर्षित करती हैं। शायद यही कारण रहा है मेरा तुम्हारे प्रति आकर्षण का।

धरा पर पड़े मेरे शरीर से आँखें मत चुराना तुम जैसे कोई छोटा बच्चा डरता है किसी बुरे स्वप्न को दोहराने से। तुम मेरी आँखों में देखना ठीक उसी तरह जैसे देखा था एक दूसरे को पहली बार पर और बन गए थे एक दूसरे को आँखों का केन्द्र। अंतिम मुलाकात सदैव पहली मुलाकात के समान होनी चाहिए। मेरी आँखों में देखते हुए ये अवश्य सोचना एक बार कि क्या टाली जा सकती थी मेरी मौत जैसे युद्ध भूमि पे खड़े देश सोचते हैं युद्ध टालने के उपाय। लेकिन जानते हो कुछ दिन में मैंने ये बात जानी है युद्ध टालने के लिए दोनों देशों को उपाय करने चाहिए ठीक वैसे ही जैसे आत्महत्या टालने के लिए दो लोगों को बातें।

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