नज़रिया-रोहित कुमार

नज़रिया-रोहित कुमार

नजरिया , एक ऐसा शब्द जिसे समझना हर इंसान के लिए बहुत ही जरूरी है क्योंकि हर किसी को हक़ है अपनी बात रखने का और अपनी सोच रखने के हिसाब से किसी भी मुद्दे पर चाहे उसका सोच सही हो या गलत , अब बात आती है हर इंसान के लिए और ये समझना भी जरूरी है कि सही सोच और गलत सोच क्या होता है और इससे हमारे जीवन पर क्या असर पड़ता है और क्या बदलाव होता है और बदलाव होना क्यों जरूरी है ।
‘सोच का सही होना और गलत होना ‘ ये एक बहुत ही उलझा हुआ बिंदु है क्योंकि ऐसा बहुत ही कम लोग होते हैं जो अपनी सोच को परख सके अगर वो सही हो तो सही बोलें और अगर ग़लत हो तो गलत और ये एक बहुत बड़ी उपलब्धि होगी क्योंकि हर कोई अपनी सोच को और अपनी नजरिया को सही ही बताते हैं तो क्या ऐसा नहीं हो सकता कि हर कोई अपनी नजरिया को किसी भी चीजो के लिए सही ही रखे । अगर ऐसा हो जाये तो हमारा समाज एक उत्कृष्ट समाज बनेगा जहाँ कोई भेद भाव न होगा । न ही सोच के आधार पर और न ही धर्म के आधार पर ।
मुख्यत: सही सोच वो है जो हमारे समाज को एक सही दिशा दिखाए और एक अच्छा समाज बनाने में अपना योगदान दे और सोच कभी गलत होती ही नहीं उनके लिए जो गलत सोचते हैं पर हाँ उन्हें समझना होगा और अपनी सोच को परखकर उसे सही करना ही एक बहुत ही सोभनीय और बड़ा कदम होगा।
अब बात आती है सही सोच होने पर हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा तो है इसका प्रभाव प्रत्यक्ष रूप से न पड़े क्योंकि ऐसा नहीं है कि आप कुछ अलग हो जाएंगे पर हाँ जब आपकी सोच सही होगी तब आप बेझिझक कोई भी बात कहीं भी और कभी भी बोल देंगे , यक़ीन मानीय आपको इस बात से कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा कि जिससे आप बोल रहें उसे कहीं बुरा न लग जाये हाँ ऐसा हो सकता है कि सामने वाले को बुरा लगे पर इसमें भी आपका ही फ़ायदा है क्योंकि अगर सामने वाले को बुरा लगेगा तब आपके अंदर भी कमी ढूढ़ेगाँ जिससे आप और भी ज़्यादा अपने बातो के प्रति सजग रहेंगे और सामने वाला को भी कभी न कभी ये बात का विश्लेषण हो जाएगा कि वो वास्तविकता को नकार रहा है।
येसब बदलाव होना हर किसी के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है क्योंकि वो कभी भी सामाजिक स्तर पर गलत न हो और उन्हें शर्मिन्दगी का सामना न करना पड़े..।

 

Rohit Kumar

रोहित कुमार

गया, बिहार

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