Notification

अपने लेख प्रकाशित करने के लिए यहाँ क्लिक करें!

प्यार क्या है ? – दिशा शाह

आज कल लोगो का मानना ये की प्यार करना होता हैं. लेकिन प्यार तोह हो जाता हैं.प्यार भगवान का दिआ हुआ फरिस्ता हे, प्यार एक अहसास हैं ,कभी भी किसी के साथ हो जाता है. प्यार का एहसास हमेशा दो तरफ से होता है. प्यार में स्वार्थ नहीं होता कभी. बल्कि हमेशा दूसरे व्यक्ति को बुरा ना लगे हमेशा उसकी ही खुसी मायने रखती उस इंसान के लिए. कोई भी सबंध हो बिना समझदारी और सचाई से कोई वि सबंध ज्यादा व्यक्त नहीं चलता . प्यार में प्रचार /पब्लिसिटी की कोई जगह नहीं होती . प्यार में दिखावा नहीं करना पड़ता . प्यार का जज्बात टेम्पररी नहीं होता है कभी भी . परमानेंट होता है . जो कभी भी एहसास मिट नहि जाता है .
प्यार कि ऐसी ताकत हे कि दुनिआ कि हर बुरी ताकत प्यार से हार जाती हे ,और जित केवल प्यार कि ही होती हे .
जिसका प्यार सच्चा हो वो कभी भी ऐसा काम नहीं करता जो दूसरे व्यक्ति को ठेस पोचचे . दूसरे व्यक्ति दुःखी हो ऐसा कोई काम नहीं करता/करती . बल्कि उसकी इज्जत करे मान सन्मान दे , सच्चाई होती है. कभी कुछ वि हो जाये प्यार कभी कमजोर नहीं होता की आप्घात करने की नौबत आये कभी. प्यार में सच्चाई होती है , ईमान होता है . प्यार में ताकत होती है जिसके कारन बाजी हमेशा प्यार की ही होती है .नफरत प्यार के सामने में फीकी पड़ जाती है . प्यार से बड़ी कोई ताकत इस दुनिआ में है ही नहीं.

Disha shahदिशा शाह
कोलकाता (पस्चिम बंगाल)

79 views

Share on

Share on whatsapp
WhatsApp
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn
Share on email
Email
Share on print
Print
Share on skype
Skype
Ravi Kumar

Ravi Kumar

मैं रवि कुमार गुरुग्राम हरियाणा का निवासी हूँ | मैं श्रंगार रस का कवि हूँ | मैं साहित्य लाइव में संपादक के रूप में कार्य कर रहा हूँ |

2 thoughts on “प्यार क्या है ? – दिशा शाह”

  1. 814126 636274An attention-grabbing dialogue is worth comment. I think that its greatest to write extra on this subject, it wont be a taboo subject even so usually individuals are not sufficient to speak on such topics. Towards the next. Cheers 427407

Leave a Reply

जागो और अपने आप को पहचानो-प्रिंस स्प्तिवारी

मैंने सुना है कि एक आदमी ने एक बहुत सुंदर बगीचा लगाया। लेकिन एक अड़चन शुरू हो गई। कोई रात में आकर बगीचे के वृक्ष

Read More »

Join Us on WhatsApp