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शिक्षा का महत्व- रेखा शर्मा

शिक्षित होना कितना आवश्यक है ये तो आप सभी जानते ही है किन्तु आज भी ऐसे लोग है जो शिक्षा को उतना महत्व नहीं देते।चलिए मैं आप को एक सच्ची घटना पर आधारित एक घटना बताती हूं।एक सज्जन शर्मा परिवार था शर्मा जी पेशे से शिक्षक थे।उनके परिवार में उनके बुजुर्ग माता पिता उनकी पत्नी एवम् पुत्री रमा और पुत्र राहुल रहते थे।रमा अभी स्नातक की पढ़ाई कर रही थी और राहुल बारहवी में था।एक दिन शर्मा जी के किसी रिश्तदार ने रमा के लिए शादी का प्रस्ताव लेकर आए।उन्होंने पूरे परिवार के सामने प्रस्ताव बताया।शर्माजी ऩे वह प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया किन्तु बड़े बुजुर्गो के सामने उनकी एक ना चली और चंद दिनों में उनके रिश्तेदार ने लड़के के घरवालों के लेकर आगाये और शादी की बात पक्की करली और दो महीने बाद तो शादी हो भी गई।रमा के परिवार में उसके ससुरजी,सासू मां व एक ननद थी,रमा अपने परिवार में खुशी से रहने लगी।एक-डेढ़ वर्ष पश्चात उनके घर एक नन्हा सा मेहमान आ गया, दोनों ही परिवार बहुत खुश थे किंतु महज 6-7 वर्ष पश्चात् उनकी खुशियों को किसी की नजर लगाई और दुर्भाग्य वस रमा के पति का आकस्मी निधन होगया।अब पूरे घर की जिम्मेदारी रमा पर आ गईं।कुछ महीनों बाद रमा घर से काम की तलाश में निकली किन्तु स्नातक तक की पढ़ाई पूर्ण नहीं होने के कारण हर जगह सब की ना ही मिली।रमा हार न मानते हुए अगले दिन फिर निकली और एक जगह पर उसे 3-4 हजार रुपयों की नौकरी मिल गई।कुछ दिनों तक रमा ने काम किया किन्तु इतने कम पैसों से उसका घर नहीं चल पा रहा था एवम् घर और काम को साथ साथ लेकर चलना भी बहुत संघर्ष पूर्ण था। इतनी मेहनत के पश्चात भी रमा कुछ खास नहीं कमा पती थी।ऐसा कुछ सालो तक चलता रहा पर वह एक साथ इतनी जिम्मेदारियां उठाते तक एकदम थक गई कुछ सही नहीं होने के कारण वह इतनी निराश हो गई की उसने मौत को गले लगा लिया।अब देखिए जिन रिश्तेदारों ने रमा की शादी करवाई थी वे तो बड़े मजे से अपना जीवन यापन कर रहे है किन्तु एक बच्चे के उपर से मां का साया छीन गया बुज़ुर्ग मां बाप के बुढ़ापे की लाठी छीन गई।यदि वह थोड़ी अच्छी शिक्षा ग्रहण कर लेती तो शायद उसे आज ऐसा नहीं करना पड़ता। इसलिए यदि आप एक अभिभावक है तो आप का प्रथम कर्तव्य है कि आप पाने बच्चों को बेहतरीन शिक्षा दे,ताकि वह अपने भविष्य में शिक्षा के अभाव में किसी अनहोनी को गले ना लगाए। दहेज में चंद उपहार और रुपए पैसे देने के बजाए यदि आप अपनी संतान को उच्च व बेहतरीन शिक्षा देंगे तो वह उनका भविष्य बना देगी।

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