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अक्सर भावनाओ मैं बह जाते हम- भावना अधिकारी

बह जाते हैं, अक्सर भावनाओं मैं हम। जिसके चलते कभी अपनो से धोखा खाते हैं, तो कभी बाहर वाले धोखा दे जाते हैं।। क्यों इतने भोले से...

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शब्द- भावना अधिकारी

मुँह से बोला गया हर शब्द बड़ा ही कीमती होता है। प्यार से बोला जाए तो, करता मरहम का काम है। वही दिल को चुभ जाए...

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कैसा यह संसार है- भावना अधिकारी

उस ईश्वर की महिमा को जाने सारा संसार है। दर पर उसके शीश झुकाये करता विनती बारम्बार है।। अपने कष्टों की मुक्ति के लिए जपता प्रभु...

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जब भी मैं सोचूँ कुछ लिख डालूँ- भावना अधिकारी

जब भी मैं सोचु कुछ लिख डालूँ शब्द ऐसे गायब हो जाते हैं, जैसे कलम से स्याही।। मन मैं अनेकानेक विचार आते हैं और न जाने कितने अनचाहे...

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फिर से-भावना अधिकारी

हिंदी -कविताएँ नवम्बर 10,2019 भुला दिया था, लिखना मैंने छुड़ा लिया था साथ कलम से मैं तो आगे बढ़ निकाली थी, अरमा पीछे छोड़...

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