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Roshan kumar Jhaoffline

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  • गया न 370 वीं धारा

    कविता :- 13(10) हिन्दी
    -: गया न 370 वीं धारा ‌ । :-

    जिसका आगमन से पूरा दुनिया गया हिल ,
    नोटबंदी जैसी योजना से गरीबों का जीवन गया खिल ।
    अमेरिका, रूस जैसा धनी देश गया आपस में मिल ,
    हटा न 370…

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  • भाई हमारा,खुद छोड़ दिया हमें कहा कर पढ़ाई

    कविता :-16(41) हिन्दी ✍️ रोशन कुमार झा 🇮🇳
    Happy Brother’s Day

    -: भाई हमारा । :-

    खुद छोड़ दिया हमें कहा कर पढ़ाई ,
    भाई राहुल खुद करने लगा कमाई ।
    प्यारा है हमारा राजन, आनंद भाई ,
    हम रोशन दिये है अपनी इच्छा बतलाई…

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  • हार नहीं मानी

    नमन 🙏 :- साहित्य लाइव

    -: हार मानी नहीं । :-

    राजा है और रानी है
    हैं हम प्रजा की कहानी ।
    कुछ भी होते तो हमने कभी न हार मानी ,
    कहो मिलकर कि हम हैं हिन्दुस्तानी ,ओ
    हम है हिन्दुस्तानी ।।

    प्यासे रहकर…

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  • हावड़ा से नेपाल कविता

    डायरी :- 5(14) हिन्दी कविता :-

    -: 🇮🇳 हावड़ा से नेपाल । :-

    हावड़ा में पकड़े 13021 मिथिला एक्सप्रेस ,
    मिथिला की हिस्सा , बिहार और नेपाल मिलाकर है शेष ।

    हावड़ा में देखें दो हजार अठारह की कैलेण्डर ,
    चलें आये…

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  • हाइकु :-2 चाँद

    नमन 🙏 :- साहित्य लाइव
    विधा :- हाइकु
    -: चाँद । :-

    सुनो बात ये
    देखो आज रात में
    हो मुलाक़ात

    वह चाँद से
    दिन न रात लाती
    वे बतलाती

    रहो शीतल
    जैसे रहते जल
    बुझा रे प्यास

    चल वे यार
    कर रोशन पार
    दिन ये चार

    मैं बीताकर
    जीवन जीतकर
    जाऊंगा मर

    यही बताती
    चाँद हर…

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  • भारतीय सैनिक कोबरा वाहिनी

    कविता :- 3(15) हिन्दी
    -: भारतीय सैनिक कोबरा वाहिनी 207 दो सौ सात । :-

    भारतीय सैनिक फौज मुख्यालय बंगाल की कोबरा दो सौ सात , 207
    समझ में कुछ नहीं आता , किससे करूं तुलना आपके साथ ।

    कमल से करूं क्या…

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  • यात्रा वृत्तांत

    कविता :-16(31)
    नमन 🙏 :- साहित्य लाइव
    तिथि :- 14-05-2020
    दिन :- वृहस्पतिवार
    विधा :- यात्रा वृत्तांत

    -: जनेऊ के बाद का मेरा वह यात्रा । :-

    जनेऊ के बाद का मेरा वह यात्रा, क्या कहूं जनेऊ के बाद कलकत्ता तो आना ही रहा, आये…

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  • Roshan-kumar-Jha wrote a new post 5 days ago

    देख लो तो जाकर देखों रेलवे स्टेशन

    कविता :- 16(38) हिन्दी
    नमन 🙏 :- साहित्य लाइव
    कविता :- 16(38) हिन्दी ✍️ रोशन कुमार झा 🇮🇳

    -: 🙏 देख लो ! 🙏 :-

    जा सकते हो तो जाकर देखों रेलवे स्टेशन ,
    ऐसा लग रहा है कि…

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  • किताब,कुछ उद्देश्य कुछ ख़्वाब है

    साहित्य लाइव की चौथी वर्षगांठ पर देर सारी शुभकामनाएं 🙏💐💐💐💐💐💐
    नमन मंच 🙏 :- साहित्य लाइव

    कविता :-16(37) 20-05-2020 बुधवार

    -: किताब :-

    कुछ उद्देश्य कुछ ख़्वाब है ,
    साथ देने के लिए कोई और न सिर्फ किताब हैं ।
    पढ़ लें रोशन लाभ ही…

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  • Roshan-kumar-Jha wrote a new post 1 week ago

    हे माता क्या

    कविता :-16(28)
    -:  हे ‌। माता क्या लिखूं तेरे बारे   !:-

    तू ही मेरी भाग्य विधाता ,
    तू नहीं तो हम रह न पाता !
    आज मां तुम्हारी दिन दुनिया मनाता ,
    बोल मां क्या लिखूं तेरे बारे में ,
    हाथ में कलम…

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  • Roshan-kumar-Jha wrote a new post 1 week ago

    शहर हूं,बड़ी-बड़ी इमारतें

    कविता :- 16(35)
    -: हम शहर हूं । :-

    बड़ी-बड़ी इमारतें ,
    रोज़गार हम पालते ।
    दिन रात हम कभी न हारते ,
    हम शहर हूं , किसी को न निकालते ।।

    मेरे पर अमीर रहते ,
    और ग़रीब भी मेरे क़रीब रहते ।
    हर कहीं भीड़…

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  • Roshan-kumar-Jha wrote a new post 1 week ago

    कोरोना चल जा ।

    कविता :- 16(15)
    कोरोना अब चल जा !:-।

    घर बैठे अमीर खाये उसको क्या है हर्जा ,
    आंख से देख रहा हूं हम रोशन, हो तो रहें हैं
    यहां गरीब का कर्जा !
    मिल गई है कोरोना तुझको इतिहास की पन्नो पर दर्जा…

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  • Roshan-kumar-Jha wrote a new post 1 week ago

    कैसी दशा है ।

    कविता :-15(97)
    🙏 भारी पड़ा कोरोना विज्ञान पर ! 🙏

    क्या बताऊं कैसी दशा है ,
    मुसीबत में हम तो हम दुनिया भी फंसा है !
    न आना,न कहीं जाना, नहीं अब कोई नशा है ,
    घर बैठे आज मैं रोशन…

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  • Roshan-kumar-Jha wrote a new post 1 week ago

    बेटियां तुम्हारे लिए मिठाई हो

    कविता :-16(28)
    बेटियाँ तुम्हारी भलाई हो   !:-

    मैं नमक रोटी खाऊं , पर तुम्हारे लिए मलाई हो ,
    वही करूं हम रोशन जिससे तुम्हारी बेटियाँ भलाई हो !
    बेटियाँ तुम्हारे लिए हमें जग से लड़ाई हो ,
    आगे तुम चलना और तुम्हारे आगे…

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  • Roshan-kumar-Jha wrote a new post 1 week ago

    लगाओ हरियाली

    कविता :-16(35)
    -: मत उठाओ कुल्हाड़ी । :-

    हम रोशन हाथ जोड़कर विनती कर रहा हूं , बनकर भिखारी,
    भिक्षा मेरी यही है कि पेड़ पर मत उठाइए कुल्हाड़ी ।
    पेड़ बिना कहां से आयेगी हरियाली ,
    हरियाली बिना बिगड़ जायेगी वातावरण हमारी ।।

    वातावरण…

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  • Roshan-kumar-Jha wrote a new post 1 week ago

    तीसरी वीं बंगाल बटालियन एनसीसी

    कविता :-14(61) हिन्दी
    कविता :- हिन्दी ✍️ रोशन कुमार झा 🇮🇳

    -: 3 तीसरी वीं बंगाल बटालियन एनसीसी के सी.ए.टी.सी
    ( CATC ) ( KB-14 ) के.बी – चौदहवीं !:-

    मैं 31 एकतीसवीं बंगाल बटालियन एनसीसी के कैडेट
    रोशन कुमार झा किया…

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  • Roshan-kumar-Jha wrote a new post 1 week ago

    कोरोना बनो

    कविता :- 16(24) हिन्दी ✍️ रोशन कुमार झा

    -: बनो तो कोरोना !:-

    जरूरी था तुम्हारा होना ,
    बहुत कुछ सीखा दिया हम रोशन,
    मानव जाति को तू कोरोना !
    चिल्ला रहें हैं कोरोना, सब तुम पर कि तुम दुनिया…

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  • Roshan-kumar-Jha wrote a new post 1 week ago

    बदलते पैसें

    कविता  :- 14(88)  हिन्दी ✍️ रोशन कुमार झा 🇮🇳

    -:  पैसे बदलते रिश्ते !   !:-

    लड़की फ़ोन पर हेलो जानू तू है कैसा ,
    लड़का बढ़िया हूं जान, हूं पहले जैसा !
    तब आज पार्टी दोगे न कल जैसा ,
    नहीं जान , आज है…

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  • Roshan-kumar-Jha wrote a new post 1 week ago

    19 वीं बंगाल बटालियन एनसीसी

    कविता :- 9(19)
    कविता :- हिन्दी ✍️ रोशन कुमार झा 🇮🇳
    -: 19 वीं बंगाल बटालियन सी.ए. टी. सी-15 की रचना !:-

    मैं 31 एकतीसवीं बंगाल बटालियन एनसीसी कैडेट
    रोशन कुमार झा किया टुकबन्दी भरी रचना ,
    इसमें है…

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  • Roshan-kumar-Jha wrote a new post 1 week ago

    वीर हनुमान

    -: आइए वीर हनुमान तोड़िए कोरोना की गुमान !:-

    कोरोना भगाने में असफल रहा कला और विज्ञान ,
    तब हम निर्धन रोशन का पुकार सुनिए भगवान !
    आइए आप ही पवनपुत्र वीर हनुमान ,
    और तोड़िए ये दुष्ट कोरोना की गुमान !!

    साईकिल से…

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