रमज़ान-उदय प्रताप

रमज़ान-उदय प्रताप

दिलों की दूरिया मीट जाये
चलो ऐसे मीले
खलिश रहे न कोई मन मे की
चलो ऐसे मीले
जैसे मीलती है दुआ
खुद ब खुद अज़ानो से
माहें रमज़ान मे
ऐ दोस्त चलो
ऐसे मीले

 

उदय प्रताप 

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