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गलवान घाटी में चीन का हमला- बलराम सिंह

गलवान घाटी जहां गलवान नदी और श्योक नदी की संगम हैं। और वहीं पर पेट्रोलिंग पॉइंट 14 है । जहां चीन और भारत की पेट्रोलिंग होती हैं।
चीन को पेट्रोलिंग पॉइंट 14 तक पहुंचने में कोई दिक्कत नहीं होती है वह गाड़ी से आ जा सकते हैं।क्योकि वहा पक्की सड़क पहले से बना रखी  हैं।
लेकिन भारत का ऐसा नहीं है इनको अगर पेट्रोलिंग पॉइंट 14 पहुंचना होता है तो पैदल ही जाना पड़ता है क्यों की इनके पास पक्की सड़क नहीं है।
इसी लिए भारत भी चाहता है कि उनके पास पक्की सड़क हो जिससे उनका जवान आसानी से पेट्रोलिंग पॉइंट 14 तक पहुंच सके।
लेकिन ये बात चीन को हजम नहीं हुई इसी लिए चीन की सेना पेट्रोलिंग पॉइंट 14 पर आकर बैठ गया।
इसी मुद्दे पर भारत के जवान ने बात करने के लिए गए तो अचानक चीन की सेना ने भारत की सेना पर हमला बोल दी , जिनमे भारत के 20 जवान शहीद हो गए।
लेकिन भारत के वीर जवानों ने भी चीन के 42 जवान को भारी क्षती पहुंचाई।
हमारे देश के सरकार ने चीन के कायरता पूर्ण काम की  निंदा की है  और देश को आश्वासन दिया है कि चीन को करारा जवाब दिया जाएगा ।
सरकार पूरी तरह से सक्षम है और हर तरह से तैयार है चीन के समान का निर्यात पर भी रोक लगा दी है ।
सरकार चीन को आर्थिक दृष्टि से भी कमर तोड़ने की मन बना ली है इसी लिए चीन की सभी प्रोडक्ट को धीरे धीरे बंद करना शुरू कर दी है । इस रोक से चीन बुरी तरह टूट सकता है।
फिर चीन को घुटने टेकने पर मजबुर करना बहुत आसान हो सकता है

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🙄गलवान घाटी चीन का हमला, सरकार का रवैया 🙄🙄

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