सुन्दरता – चंदन कुमार

सुन्दरता – चंदन कुमार

मुझें कुछ ऐसा प्रतीत होता हैं
जैसे आप हो एक खिली हुई गुलाब
आपकी सुन्दरता की मैं कैसे करूँ बखान
बाते तो ऐसे मैं बहुत बड़ी-बड़ी करता हूँ
पर लगता हैं मुझें कुछ ऐसा आपके सामने
बहुत छोटी हो जाती हैं मेरी जुवान
आप हो इस जहाँ की सबसे हसी मूरत
चाँद भी शरमाए आपसे देखकर आपकी सूरत
चाहता हूँ मैं लिखूं और बहुत कुछ
और करता रहूँ आपकी सुंदरता की बखान
मैं आपकी सुन्दरता को
अपनी शब्दों में बया नहीं कर सकता
क्योकि मैं हूँ एक कवी अनजान
और आपके बारे में मुझें नहीं हैं ज्यादा ज्ञान
और नहीं ही हूँ मैं एक कवी महान
आपकी तुलना किससे करूँ खिली हुई गुलाब से
या महकते हुए कचनार से
जो खुशबु आती हैं आपकी श्रृंगार से
ओ आती नहीं हैं खिली हुई बहार से
कितना अनमोल है हंसी आपकी
जब हसती हैं आप प्यार से

Chandan Kumarचन्दन कुमार
मोहाली (पंजाब)

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  • Bahut Sundar 👌👌👌🙏

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