Notification

अपने लेख प्रकाशित करने के लिए यहाँ क्लिक करें!

Tag: Deep Jangra

आंख्यां के दुश्मन – दीप जांगड़ा

आंख्यां के दुश्मन मोती होगे ना खुशियां के नही ग़मी के रपियाँ के भूखे माणस सैं ना भूखे इब राम रमी के संस्कारां के धुकै

Read More »

मैं भी आया हरियाणे तै – दीप जांगड़ा

दुनिया की इस महफ़िल तै म्हारा रहण सहण दिखलावण नै मैं भी आया हरियाणे तै संस्कार म्हारे बतलावण नै दो रोटी एक गंठा बांध रया

Read More »