ज़िन्दगी में ज्यादा पैसो का लालच-दिशा शाह

ज़िन्दगी में ज्यादा पैसो का लालच-दिशा शाह

ज़िन्दगी में कोई भी क्षेत्र से आगे बढ़ना हो. अभी से उस क्षेत्र से उच्च कमाई का सपना नहीं देखना चाहिए. ये गलत रास्ता पर ले के जाता है माइंड . सपना देखो लेकिन लेकिन पैसा से रिलेटेड नहीं देखना चाहिए , पैसा का लालच होस में नहीं  लाता है इंसान को .  अभिमान नहीं
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डर-दिशा शाह

हम जब ज़िन्दगी में आगे बढ़ते है तो , कभी हम रुक जाते है , ये होता है डर  के वजह से , क्यों की डर इंसान को एक दम कमजोर बना देता है . उसमें नकरात्मक भावना आने लगती है , जहा डर होगा वहा कभी सकरात्मक भावना आती ही नहीं है . ,
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साहित्य-दिशा शाह

आज के समय में साहित्य इतना कमजोर होते जा रहा  है की उसका कोई अनुमान भि नहीं लगाया जा सकता है . साहित्य  इंसान के अंदर बुराई को विनास करता है ,और इंसान के अंदर मानवता को जगाता है साहित्य . आज कल लोगो की सोच  गलत होती जा रही है  और इंसान गलत होते
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जब तक सूरज चाँद रहेगा – दिशा शाह

जब तक सूरज चाँद रहेगा, जैन धर्म का नाम रहेगा, महावीर जी की वाणी को, घर घर तक पहूचाएँगे , नया सवेरा आएगा, अहिंसा का शासन, कायम बना रहेगा, सत्य के मार्ग से, हम कायम चलेंगे, हर एक प्राणी पर दया रखेंगे, नवकार हमारी शान है, महावीर तेरा नाम है।। दिशा शाह 2+

घूमना भी जरूरी होता है – दिशा शाह

ज़िन्दगी में कठोर परिश्रम होना जरूरी होता है .ठीक वैसे ही हमारा मगज , हमारा स्वास्थ्य जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए जरूरी होता है . हमारी रोजाना की जिंदगी कठोर परिश्रम से भरी होती है . इसका असर हमारे मगज पर हो जाता है . हम अपने तरीके से मगज को शांत करने में
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माँ बाप का फर्ज – दिशा शाह

माँ बाप अपने बच्चे को बड़ा करते है. उसको लालन पोषण करते है , माँ बाप का फर्ज बनता है की अपने बच्चे को अच्छे संस्कार दे , अच्छी परवरिश दे , और हर अच्छी बुरी परिस्थिति में उसका साथ दे , उसको प्रेरणा दे , अपने बच्चो को प्रोत्साहित करना चाहिए. हर चीज में
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गर्मी आयी गर्मी आयी – दिशा शाह

गर्मी आयी गर्मी आयी बसंत ऋतु के बाद गर्मी आयी , सारा दिन परेशान करती धुप में ,शाम बहुत रंगीली. , सब बच्चे इंतजार करते शाम का , और बुजुर्ग गपशप करते आपस में, शाम को देख के लगता है , देखते ही रहे ये सूंदर नजारा , की कभी शाम ढले ही नहीं ,
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एक नारी – दिशा शाह

एक जमाना था तब लड़की को बाहर भी नहीं निकलने देते थे. , पढ़ने भी नहीं देते थे , तब ऐसी सोच थी कि लड़की सिर्फ शादी करने के लिए ही बनी है ,और घर में ,खाना बनाने के लिए ही बनी है , आज जमाना कहा से कहा पहुँच गया है लेकिन इंसान की
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आज के ज़िन्दगी – दिशा शाह

आज के ज़िन्दगी में कुछ लोग ऐसे होते है, जो अपने मतलब के लिए दुसरो के साथ कुछ भी करने को तैयार होते है , वो लोग गलत इंसान होते है , उन लोगों को कितना भी समझाओ फिर भी वो लोग सुधर ने वाले ही नहीं है, जैसे कुते की पूँछ टेढ़ी होती है,
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परेशानी – दिशा शाह

आज ​ लोग परेशानी वाली ज़िन्दगी ही जीते है. , लोग हमेशा परेशानी में हर काम करते है ,यानि अपनी ख़ुशी से ज़िन्दगी जीते ही नहीं है , किसी को जो ​बनना ​ होता है , जो पसंद होता है , वो त्याग कर लेते है लोग , किसी को कोई चीज की दिक्कते ,
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