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Tag: Jitpal Singh yadav

एक सूरत “तेरे ख्याल” – जीतपाल सिंह यादव आर्यवर्त

फूल, सवनम, बहारों में, जो सूरत आज देखी थी। मौहब्बत के तरानों में बड़ा मदहोश आलम था। कभी दिल के झरोखों में, जिसे महसूस करता

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किस्से किसान के – जीतपाल सिंह यादव आर्यवर्त

भारत देश ! जी हाँ मैं उसी भारत देश की बात कर रहा हूँ जो विश्व की ख्याति में कृषि प्रधानता की श्रेणी में आता

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छोड़ तो तुम गये हो मुझे प्यार में – जीतपाल सिंह यादव आर्यवर्त

छोड़ तो तुम गये हो मुझे शौक से, छोड़ कर अब नशेमन किधर जाओगे। यह मौहब्बत का नगमा बना वेरहम। अब मौहब्बत में आशा किधर

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समय चक्र – जीतपाल सिंह यादव आर्यवर्त

दुनियाँ के तक्ख-ए-ताजों का, रूखसार पलटते देखा है। हर हरे वृक्ष के पत्तों को, पीले पड़ गिरते देखा है। जब समय नहीं था मौसम का,

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कैसा तेरा रामराज्य है – जीतपाल सिंह यादव आर्यवर्त

देश की महान शान खो गयी नेता के वेष। जो चुना था राजनेता रोता वो पराये देश। लोक लाज देश सेवा वायदे किये अनेक। नारी

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शहीदी दिवस – जीतपाल सिंह यादव आर्यवर्त

सिक्ख भगतसिंह राज गुरू संग जिस दिन फांसी खाई होगी। पूछो हाल भारती माँ से उस दिन कितना रोई होगी। तीन लाल सुखदेब सहित जब,

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शेर / शायरी – जीतपाल सिंह यादव आर्यवर्त

छोड़ने को तो क्या क्या नहीं छोडुंगा। तेरा साथ और सजदे गीतों की बात छोडुंगा। तेरी कश्ती का मुकम्मल किरायेदार हूँ मैं। किनारे पर आकर

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राजनीति का झूठा चोला – जीतपाल सिंह यादव आर्यवर्त

जिसको जनता ने चुन कर, सिंहासन तक पहुँचाया है। वही दर्द देने दुखियों को, दिल्ली तज कर आया है। एक गरीब भिखारी ने, ताकत दे

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अधूरी कहानी- जीतपाल सिंह यादव आर्यवर्त

तीन साल तक साथ रहे, हर परिस्थिति में। कभी किसी भी दु:ख सुख में कोई परेशानी नहीं हुई। हर पल खुशी ही बांटते थे एक

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होली/ या नारी शोषण – जीतपाल सिंह यादव

होली/ नारी शोषण क्या है सच? फैसला आप करेंगे। हमें पता भी होता है और मानने का जी भी करता है लेकिन कटुता ऐसी भरी

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